कद्दूवर्गीय सब्जियों में लाल पंपकिन बीटल कीट नियंत्रण के उपाय एवं रोकथाम
कद्दूवर्गीय सब्जियों में लाल पंपकिन बीटल कीट नियंत्रण के उपाय एवं रोकथाम👉
■लक्षण व जीवनकाल -मादा पीले रंग के होते हैं व 5 से 15 दिनों के बाद यह हेच हैचिंग अंडा देते हैं क्रीमी सफेद रंग का युवा जिसे लारवा कहते हैं 14 से 25 दिनों के पश्चात युवा अवस्था में यह पहुंच जाता है और 7 से 20 दिनों तक इसी अवस्था में होता है जब तक कि वयस्क अवस्था में ना पहुंच जाए l
■मादाएं 150 से 300 अंडे देती हैं वह 10 महीने तक जीवित रहते हैं और उसके वयस्क कीट पत्तियों को खाकर नष्ट कर करते हैं l
■रोकथाम-
जैविक नियंत्रण>
■4 लीटर पानी में आधा कप लकड़ी की राख और आधा कब चुना मिलाएं और कुछ घंटों के लिए छोड़ दें थे खेत में छिड़काव से पहले कुछ संक्रमित फसल पर परीक्षण कर स्प्रे करें
■दूसरा विकल्प के रूप में एन एस के 5 परसेंट इसके साथ साबुन मिलाकर 7 दिन के अंतराल में इस्तेमाल कर सकते हैं
■वयस्क बीटल को आकर्षित कर मारने के लिए ट्रैप् फसलों का उपयोग भी करें l
■रासायनिक उपचार
1-क्लोर साइपर या प्रोफेनोफॉस 2ml प्रति लीटर पानी के साथ इस्तेमाल करें l
2- डेल्टामथ्रीन 250ml प्रति एकड़
■निवारक उपाय>
1-तेजी से बढ़ने वाले किसानों का चयन करें वह ट्रैप फसलों को मुख्य फसलों के साथ समावेश करें2-संक्रमित फसलों के भरपाई के लिए अतिरिक्त बीज लगाएं l
3-संक्रमित पौधे को जला दें या उखाड़ कर मिट्टी में दबा दें
4-प्राकृतिक शिकारियों एवं परजीवी ओं का संरक्षण करें
5-गर्मी के दिनों में उक्त खेतों में गहरी जुताई करें l
धन्यवाद
ReplyDeleteWelcome jitendra ji
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