लाखडाउन - गर्मियों में छत पर उगाए पौष्टिक व ऑर्गेनिक सब्जियां🫑🥒🥬🥦🍓🍅🥔🧅🧄

लाखडाउन - गर्मियों में छत पर उगाए पौष्टिक व ऑर्गेनिक सब्जियां🫑🥒🥬🥦🍓🍅🥔🧅🧄


आज बढ़ती शहरीकरण व जनसंख्या दर जिस तरह शहर के दायरे बढ़ रहे हैं उसी तरह जनसंख्या में वृद्धि हो रही है जिसके फलस्वरूप खाद्यान्नों की अत्यधिक खपत परिणामस्वरूप भूमि का उत्पादन के लिए अत्यधिक दोहन जमीन में अंधाधुन उत्पादन की भूख भी बढ़ चुकी है जिससे कई प्रकार के रसायनों कीटनाशकों से मिट्टी बंजर व उर्वरा शक्ति क्षीण होती जा रही है जिसका प्रभाव हमारे फसलों पर अनेक प्रकार के कीट व्याधियों की समस्या उत्पन्न हो रही है इन रसायनों से ना केवल फसलों ,मिट्टियों व मनुष्यों अपितु सबसे ज्यादा नुकसान हमारे प्रकृति को हुआ है l
वर्तमान स्थिति में पौष्टिक व शुद्ध सब्जियां प्राप्त कर पाना संभव नहीं है इसलिए वर्तमान में स्थिति को देखते हुए कई ऐसी खेती का प्रचलन हो चला है जैसे फ्लोटिंग गार्डनिंग ,ग्रीनहाउस फार्मिंग, हाइड्रोपोनिक्स , एयरोपोनिक्स ,किचन गार्डनिंग व टेरेस फार्मिंग जिसमें भूमि पर खेती ना करके या मृदा मिट्टी का समुचित मात्रा में प्रयोग करके ऐसे तकनीकों का प्रयोग भी प्रचलन में आया है l इसी तर्ज पर आज आधुनिक युग में घर के छत ऊपर भी खेती का प्रचलन धीरे-धीरे बढ़ रहा है घर की छतों पर पौष्टिक एवं ऑर्गेनिक खेती बिना किसी हानिकारक कीटनाशकों या रासायनिक खादों के बिना भी कार्बनिक खाद सड़ी गोबर+ वर्मी कंपोस्ट या किचन वेस्ट पदार्थों खादों का प्रयोग कर कार्बनिक खाद बनाकर छत की खेती किया जा रहा है जिससे वर्ष भर पौष्टिक और शुद्ध ताजी सब्जियां प्राप्त किया जा रहा है l 

■ छत की खेती-
छत पर अनेक प्रकार की फल एवं सब्जियों को सफलतापूर्वक उगा सकते हैं जिसकी उम्मीद से कहीं अच्छे परिणाम मिल रहे हैं l इस खेती के परंपरागत खेती की तुलना में यह उपजाऊ है साथ ही कृत्रिम खेत में सिंचाई के लिए पानी और मृदा की समस्या भी बहुत कम होती है यह खेतों से अलग है यहां कीट पतंगे व बीमारियों का प्रसारण भी बहुत कम होता है वह उत्पादन भी खेत की तुलना में अच्छा होता है l
घर के छत पर सब्जियां उगाने के लाभ और विधि वह ध्यान रखने वाली महत्वपूर्ण बातें -

●छत पर सब्जियों के लिए ईटों के सैड ,प्लास्टिक के ट्रे, गमले ,बोरे या बाल्टी के केन स्थापित करने के पूर्व छत पर एक मोटी प्लास्टिक चादर बिछा दें फिर इटों या लकड़ी के पट्टियो से चारदीवारी बना लें उसमे सामान रूप से मिटटी बिछा दे और पानी की निकासी भी रखें. छत पर सब्जी लगाने से गर्मी के दिनों में आपका घर भी ठंडा रहता है जिससे आपको काफी राहत मिलेगी l

● परागण - छत के चारों तरफ ऐसे पीले फूल को भी लगाएं जो पोलिनेटर परागण कीटों को आकर्षित करें जिससे कि सब्जियों में पूर्ण रूप से परागण की प्रक्रिया हो सके l
यदि आप ईटों का सैड तैयार कर रहे हैं तो ध्यान दें कि मिट्टी में ढलान रखें ताकि बारिश होने पर मिट्टी में पानी ना रुक पाए ड्रेनेज की पूर्ण व्यवस्था हो l जिससे जमा हुए पानी के कारण दीवाल में सीलन नहीं आएगा और दीवाल सुरक्षित रहेगा l
अत्यधिक सूर्य का प्रकाश- कम प्रकाश चाहने वाले फसलों के लिए छांव वह आद्रता का उचित व्यवस्था हो अधिकतम पौधे को 5 से 6 घंटे सूर्य की प्रकाश मिलना जरूरी है तभी फसल की उचित बढ़वार होगी l

● सिंचाई- सबसे मुख्य बात की छत वाली फसलों पर अत्यधिक सिंचाई छत के आयु के लिए सही नहीं है इस हेतु छात्र फसलों के लिए बार-बार सिंचाई व देखभाल की आवश्यकता होती है और पौधों में उचित आद्रता की मात्रा बनी रहे इसका भी ध्यान देना चाहिए l

अत्यधिक भार -घर की छत पर भार का भी विशेष ध्यान देना चाहिए की हल्की मिट्टी का चुनाव व कम जगह व हल्के वजन कम समय अवधि वाले सब्जियों के किस्मो का चुनाव करना चाहिए l

● लताएं वाली सब्जियों के लिए सहारा देने के लिए रस्सी का इस्तेमाल करें l
सब्जियां उगाने के लाभ-
●घर के चारो ओर खाली भूमि और व्यर्थ पानी व कूड़ा-करकट का सदुपयोग हो जाता है l
● मनपसंद सब्जियों की प्राप्ति होती है l
●साल भर स्वास्थ्यवर्धक, गुणवत्तायुक्त व सस्ती सब्जी, फल एवं फूल प्राप्त होते रहते है l
●परिवार के सदस्यो का मनोरंजन व व्यायाम का अच्छा साधन है, जिससे शरीर स्वस्थ रहता है l
●पारिवारिक व्यय मे बचत होती है l
●सब्जी खरीदने के लिये अन्यत्र जाना नही पड़ता 


कौन-कौन सी सब्जियां किस मौसम में-

रबी के मौसम की सब्ज़ियां: रबी में सब्ज़ियां सितम्बर-अक्टूबर में लगा सकते है जैसे- फूल गोभी, पत्तागोभी, शलजम, बैंगन, मुली, गाजर, टमाटर, मटर, सरसों, प्याज़, लहसुन, पालक, मेथी, आदि.   

खरीफ के मौसम की सब्ज़ियाँ: खरीफ़ में लगाने का समय जून-जुलाई है। इस समय भिन्डी, मिर्च, लोबिया, अरबी, टमाटर, करेला, लौकी, तरोय, शकरकंद आदि सब्जियों को लगा सकते है l

जायद की सब्ज़ियां: जायद में सब्ज़ियां फरवरी-मार्च और अप्रैल में लगाई जाती है. इसमें टिंडा, खरबूजा, तरबूज, खीरा, ककड़ी, टेगसी, करेला, लौकी, तरोय, कद्दू भिन्डी ,टमाटर ,धनिया, जिमीकंद, मिर्च, पत्ती वाली सब्जी -भाजी, मेथी ,पालक ,चना भाजी कंद वाली सब्जी- मूली, गाजर ,शकरकंद जैसी सब्जी लगा सकते है l

 ■ छत पर सब्जियां लगाने के लिए मिट्टी तैयार करना -
दोमट मिट्टी + वर्मी कंपोस्ट + कोकोपीट+ साड़ी गोबर की खाद+ परसूखे नारियल के छिलके या लकड़ी के बुरादे


सर्वप्रथम गमले प्लास्टिक की ट्रे ,बाल्टी के केन सब्जियों लगाने के पूर्व ऐसे मिट्टी का चुनाव करना चाहिए जिसमें जल धारण क्षमता अधिक हो व नमी जिसमें बनी रहे वह केचुआ मौजूद हो तथा इसके उपरांत जैविक खाद वर्मी कंपोस्ट लेना चाहिए व मिट्टी में मिक्स करने के लिए या एक प्रकार का जैविक खाद है इसमें पर्याप्त मात्रा में नाइट्रोजन फास्फोरस पोटाश व पौधे के विकास के लिए सूक्ष्म पोषक तत्व भी मौजूद रहते हैं फिर कोकोपीट प्रत्येक कृषि दुकान में मौजूद रहता है इसे लेकर पानी में अच्छी तरह से मिला ले अच्छी तरह भीग जाए तो निचोड़ कर निकाल लेवे यह मृदा में नमी बरकरार करता है यह मृदा को सख्त होने से रोकता है वह पानी को अच्छा जल निकास प्रदान करता है और इसमें सड़ी हुई गोबर की खाद को कुछ मात्रा में सभी को मिलाकर मिक्स करके प्रयोग में ले सकते हैं l
इस प्रकार जैविक खाद व सड़े गले पदार्थों के उपयोग से फसल की वृद्धि और बढ़वार काफी अच्छा होगा जिससे वर्ष भर पौष्टिक और शुद्ध ताजी सब्जियां प्राप्त कि जा सकेगी जो हमारे स्वास्थ्य व शरीर की वृद्धि के लिए अति आवश्यक है l

आर्टिकल लेखक-
1-मनीष प्रजापति (उद्यान विज्ञान)
कृषि विभाग ,बलरामपुर छत्तीसगढ़

2- प्रियंका प्रजापति (उद्यान विज्ञान)
उद्यान विभाग, सूरजपुर छत्तीसगढ़

3 -सूर्यकांत चौबे
M. Sc. (Ag ) कृषि विस्तार विभाग, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर



















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